Big News : उत्तराखंड सरकार में तालमेल की कमी, CM बोले- चारधाम यात्रा कर सकेंगे, कैबिनेट मंत्री का इंकार! - Khabar Uttarakhand - Latest Uttarakhand News In Hindi, उत्तराखंड समाचार

उत्तराखंड सरकार में तालमेल की कमी, CM बोले- चारधाम यात्रा कर सकेंगे, कैबिनेट मंत्री का इंकार!

Reporter Khabar Uttarakhand
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appnu uttarakhand newsदेहरादून: चारधाम को लेकर बड़ी खबर है लेकिन ये खबर सिर्फ राज्य के लोगों के लिए। जी हां एक निजी चैनल के अनुसार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि 4 मई से ग्रीन जोन में काफी रियायत दी जाएंगी। श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर सकेंगे। एक निजी चैनल के मुताबिक सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुसार ये सुविधा केवल उत्तराखंड के लोगों को मिलेगी।

सीएम बोले- 4 मई से जा पाएंगे ग्रीन जोन के लोग

निजी चैनल के अनुसार सीएम ने कहा कि लॉकडाउन के बीच खुले बाबा केदारनाथ के कपाट और चार धाम की यात्रा के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग दर्शन करें. देश के हालात ठीक हों, हम बाबा केदार से यह प्रार्थना करते हैं. बाबा केदारनाथ के दर्शन कब से श्रद्धालु कर पाएंगे, इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 मई से प्रदेश के सभी ग्रीन जोन को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा. जो भक्त वहां जाना चाहें, 4 मई से जा पाएंगे. ये सभी प्रदेश के ही होंगे.

appnu uttarakhand newsसरकार में तालमेल की कमी,मदन कौशिक का बयान

वहीं जब हमारे संवाददाता ने ये सवाल कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से किया गया तो उन्होंने इस बात से साफ इंकार किया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की रिहायत चारधाम यात्रा को लेकर लोगों को नहीं दी जा रहा है। मदन कौशिक के बयान से साफ है कि त्रिवेंद्र सरकार में मंत्रियों औऱ सीएमके बीच तालमेल की कमी है।

कुल 13 में से 10 जिलें हैं ग्रीन जोन में

आपको बता दें कि उत्तराखंड के कुल 13 में से 10 जिलें हैं ग्रीन जोन में। यही कारण है कि केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार देहरादून में कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक मामले दर्ज होने के बाद भी रेड से ऑरेंज जोन में शामिल हो गया है। संक्रमण की प्रभावी रोकथाम के बूते ऊधमसिंहनगर ग्रीन जोन में आ गया है और नैनीताल जिला भी ऑरेंज जोन में शामिल है। सुकून की बात यह भी है कि नौ जिलों का ग्रीन जोन बरकरार है। हरिद्वार और नैनीताल रेड जोन में हैं और  देहरादून ओरेंज जोन में।

उत्तराखंड के लिए सबसे राहत की बात यह है कि यहां संक्रमण की दर एक फीसद से भी कम है, जबकि राष्ट्रीय औसत चार फीसद के करीब है। इसके अलावा संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की दर में भी हम राष्ट्रीय औसत से करीब ढाई गुना आगे चल रहे हैं। जो नए मामले सामने आ भी रहे हैं, वह कंटेनमेंट जोन तक सीमित हैं।

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